: अध्यात्म का दीप जलाकर निषकाम भक्ति करना चाहिए-- पं. राम अवतार महाराज
Admin
Wed, Apr 26, 2023
श्री रामबोला धाम मंदिर परिसर श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का हो रहा आयोजन

राजोद। आपको यदि भागवत कथा श्रवण का परिणाम चाहिए तो अंतर्मन के मात्सर्य को त्यागना होगा ।भगवान की भक्ति करोगे तो मस्ती मे रहोगे ।अध्यात्म का दीप जलाकर निष्काम भक्ति करना चाहिए उक्त बात श्री रामबोला धाम मंदिर परिसर पर चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन पं. राम अवतार महाराज अयोध्या पुरी ने कही । भजन में सन्देश दिया गया ,किसी के काम आए उसे इंसान कहते है।विपत्ति श्रेष्ठ है क्योंकि विपत्ति आने पर भगवान विपत्ति को नष्ट करते हैं,वहीं सम्पत्ति भगवान से दूर करती है,सम्पत्ति यदि रखनी है तो हरि नाम की रखिये। ।
पं. राम अवतारजी ने कहा कि भागवत कथा के अनुसार भगवान के 24 अवतार हुए ।निरतंर भगवान की कथा सुनना चाहिए। भगवान के अलग अलग अवतार के बारे में वर्णन किया। भगवान अलग अलग रूप में लीला करते हैं।भागवत कथा को जिसने पी लिया वह जी लिया वर्तमान ठीक तो भविष्य भी ठीक होगा।नेमीशरण मे एक हजार वर्ष कथा हुई। पहली बार सत्यनारायण की कथा भी नेमीशरण मे हुई ।सूत जी महाराज कहते है अध्यात्म का दीपक मन में निरंतर जलना चाहिए ।
राम नाम रुपी मणि का जाप करना चाहिए।जीव का कल्याण भगवान की भक्ति से होगा। मरने के बाद राम नाम जपते है,जिंदा मे ही राम नाप जपलो निष्काम भक्ति करो। बालक के आने के पहले माँ के स्तन मे दुध आ जाता है।भगवान से माँगने की जरूरत नही है। भगवान से केवल भगवान से प्रेम मांगिए,जो आपने बोया है,वैसा ही फल आपको मिलेगा। बोया पेड बबूल का आम कहा से होय इसलिए हरि भक्ति मे लीन रहिए।भगवान राम व श्याम पूर्ण ब्रह्म हैं। साथ ही आपने सन्देश दिया कि वैदिक सनातन धर्म पर अगर कोई अंगुली उठाए तो हम सभी को एक हो जाना चाहिए। विशेष तौर पर महाराजजी ने गोरक्षा का आह्वान किया। बडी संख्या मे लोग कथा सुनने पहुंचे। आयोजक सकल पंच राजोद ,साजोद, रानीखेडी है।
विज्ञापन
विज्ञापन