: धार जिले मे 2022 मे 66619 बेरोजगार, रोजगार कार्यालय मे पंजीकृत थे इनमे से मात्र 30 बेरोजगारो को ही रोजगार दिया गया,तीन साल मे धार जिले मे 16 रोजगार मेले लगे , सरदारपुर मे मात्र एक लगा
Admin
Wed, Mar 15, 2023
विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल पर म.प्र. विधानसभा मे सरकार ने दिया जवाब

सरदारपुर। मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने की बात करती है लेकिन अप्रैल 2020 से फरवरी 2023 तक धार जिले मे 16 रोजगार मेले लगाए गए तो वही सरदारपुर विधानसभा मे मात्र एक ही रोजगार मेला लगाया गया, 11 जनवरी 2021 को आयोजित इस मेले मे 475 पुरुष तथा 18 महिलाओं ने रोजगार हेतु आवेदन दिया, जिसमें से 272 पुरुष एवं महिलाओ को 98 हजार प्रतिमाह से 12 हजार रूपये प्रतिमाह की नौकरी दी गई। यह जानकारी मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र मे सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने दी। धार जिले मे 2020-21 मे 10 रोजगार मेले 8057 पुरुष तथा 2961 महिलाओं ने भाग लिया जिसमें से 4474 पुरुष तथा 560 महिलाओं को रोजगार दिया गया। लेकिन उसके बाद 2021-22 तथा 2022-23 मे मात्र तीन-तीन मेले ही आयोजित हुए और जिसमे आवेदको की संख्या मे काफी कमी हुई तथा रोजगार भी नाम मात्र के लोगो को दिया गया।
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि यहा एक ओर बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, शासन बेरोजगारो को रोजगार उपलब्ध कराने मे असफल रहा है शासन की योजना के प्रति बेरोजगारो का रूझान निरंतर कम होता चला जा रहा है जो इस बात का प्रमाण है कि धार जिले मे 2020-21 रोजगार मेले मे 11018 बेरोजगारों ने आवेदन किया था जो 2021-22 मे घटकर 377 तथा 2022-23 मे मात्र 79 हो गया इससे स्पष्ट है कि बेरोजगार नइ मेलो मे आवेदन तक नही करते है। क्योकि इन मेलो मे जो रोजगार दिया जाता है वह बहुत कम मासिक वेतन का होता है तथा स्थाई प्रवृत्ति का नही होता है। विधायक ग्रेवाल ने कहा कि धार जिले मे 2022 मे 66619 बेरोजगार, रोजगार कार्यालय मे पंजीकृत थे इनमें से मात्र 30 बेरोजगारो को ही रोजगार दिया गया जिसमें एक भी महिला नही है। अप्रैल 2020 से जनवरी 2023 तक शासन द्वारा प्रदेश मे 1321 मेले लगाए गए, जिसमे कुल मिलाकर सभी मेले मे 173051 पुरूष तथा 18494 महिलाओं ने भाग लिया जिसमें से 74458 पुरुषों तथा 6407 महिलाओं को निजी कंपनियों मे रोजगार उपलब्ध कराया गया। प्रदेश मे आयोजित मेले मे औसत मासिक वेतन 6000 से 9000 रुपये के बीच दिया गया। सबसे न्यूनतम वेतन 1000 रुपये, उसके बाद 1100 रुपये तथा 1200 रुपये प्रतिमाह ग्वालियर तथा मुरैना के मेले मे दिया गया, अधिकतम वेतन मात्र कुछ स्थानों पर 15000 रूपये रहा, परंतु सामान्यतः अधिकतम वेतन 9000 रुपये से 12000 रूपये के बीच रहा। यह जानकारी विधायक कार्यालय से विष्णु चौधरी द्वारा दी गई।
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