ब्रेकिंग

कार में सवार युवक-युवती ने खाया जहरीला पदार्थ, दोनों की मौत, पुलिस जांच में जुटी

कुपोषण शिविर का आयोजन, 25 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया,स्वस्थ जीवनशैली संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए

1 साल से बंद पडे आक्सीजन प्लांट को करवाया आरंभ,आपातकालीन द्वार पर रैंप निर्माण के लिये CMHO को लिखा पत्र

फुलगावड़ी में पशुपालक जागरूकता कार्यशाला संपन्न:, 100 से अधिक दुग्ध उत्पादकों ने लिया लाभ

AICC सह प्रभारी उषा नायडु का स्वागत किया

सूचना

साइलेज निर्माण और 'गोरस एप' के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पहल : फुलगावड़ी में पशुपालक जागरूकता कार्यशाला संपन्न:, 100 से अधिक दुग्ध उत्पादकों ने लिया लाभ

Bakhtavar Express

Wed, Jun 3, 2026

सरदारपुर। संचालनालय, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्यप्रदेश (भोपाल) के निर्देशानुसार दुग्ध उत्पादकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए जिले के दुग्ध संघ शीत केंद्र फुलगावड़ी में एक दिवसीय पशुपालक जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में क्षेत्र के 100 से अधिक उत्साही पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों ने सहभागिता कर विभागीय योजनाओं एवं उन्नत तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपसंचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं जिला धार) डॉ. राकेश सिंह सिसोदिया रहे। कार्यशाला में ब्लॉक वेटरिनरी ऑफिसर धार डॉ. विक्रम पंवार, जिला नोडल अधिकारी (क्षीर धारा ग्राम योजना) डॉ. जे.वी.बी. राजू, ब्लॉक वेटरिनरी ऑफिसर सरदारपुर डॉ. दिलीप गामड़ एवं पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीनाक्षी डावर ने उपस्थित होकर पशुपालकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। दुग्ध संघ की ओर से श्रीमती वर्षा सिंगारे एवं श्री मोहन वास्केल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

साइलेज निर्माण और संतुलित आहार पर रहा विशेष फोकस

कार्यशाला में पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, पशुओं के संतुलित आहार प्रबंधन, खनिज मिश्रण के महत्व, रोग नियंत्रण एवं समय पर टीकाकरण की जानकारी दी।

विशेष रूप से, ग्रीष्मकाल और वर्षभर हरे चारे की कमी को दूर करने के लिए 'साइलेज निर्माण' (हरे चारे को संरक्षित करने की वैज्ञानिक विधि), उसके पोषण लाभ तथा बनाने की विधि पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

'गोरस एप' से आसान होगा चारे का क्रय-विक्रय

अधिकारियों द्वारा शासन के महत्वाकांक्षी 'गोरस एप' की उपयोगिता के बारे में बताते हुए कहा गया कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पशुपालक चारे की उपलब्धता, उसके क्रय-विक्रय तथा विपणन संबंधी सुविधाओं का घर बैठे लाभ उठा सकते हैं। उपस्थित पशुपालकों को एप डाउनलोड करने और उसे चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

कार्यशाला के सफल संचालन में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी हेमराज कटारा, अशोक मालवीय, सुनीता डामोर एवं ममता भयडिया सहित विभागीय अमले का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें