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: हठधर्मिता के चलते धार-अलीराजपुर जिले मे इस सत्र मे स्कूल का मुंह नहीं देख पाये मूक बधिर दिव्यांग बच्चे,मामा से कर चुके है मांग लेकिन नहीं खुले छात्रावासो के ताले,शिक्षा की मुख्यधारा से फिर दूर हो रहे है ये दिव्यांग  

Admin

Wed, Aug 9, 2023

धार । प्यारे भांजे भांजियों तुम्हें चिंता करने की जरूरत नही है जब तक तुम्हारा मामा है। ऐसी कुछ बातें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हर मंच से करते हुए नजर आते है। लेकिन आदिवासी बाहुल्य अलीराजपुर,धार एवं इंदौर मे मामा के करीब 150 से अधिक मूक बधिर बहु दिव्यांग भांजे भांजी इस सत्र मे स्कूल का मुँह तक नही देख पाये है।

नियमों का हवाला कहे या फिर नौकरशाही की हठधर्मिता कहे जो भी हो लेकिन परेशान हो रहे है  मामा के ये मूक बधिर भांजे-भांजीया। इन जिलों मे मूक बधिर की शिक्षा के लिये मूक बधिर आश्रमो का संचालन एनजीओ के माध्यम से अभी तक होता आ रहा है। जहा पर इन बच्चों को सांकेतिक भाषा मे पढ़ाई प्रशिक्षित शिक्षकों से करवाई जाती थी। यही नहीं इन बच्चों को नार्मल बच्चो के साथ स्कूलों मे बिठाकर पढ़ाई करवाई जाती थी साथ ही सांकेतिक भाषा मे प्रशिक्षित शिक्षकों के द्वारा संकेतों के माध्यम से शिक्षा दी जाती थी। लेकिन इस वर्ष कहा गया  की सरकार स्वंय मुकबधिर आश्रमो का संचालन करेगी लेकिन समस्या यह थी की सरकार के पास सांकेतिक भाषा के प्रशिक्षित शिक्षक नहीं है ऐसे मे यह मामला खटाई मे पड़ गया और बच्चे इस सत्र मे शिक्षा से वंचित हो गये। वैसे अभी भी सरकार चाहे तो पुरानी व्यवस्था को आरंभ कर इन बच्चो को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ दे।

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