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दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों का उजाला फैलाने का अवसर भी - बोकड़िया

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व्यापारी संघ नागदा के सदस्यों ने मूकबधिर बच्चों के बीच बांटी खुशिया : दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों का उजाला फैलाने का अवसर भी - बोकड़िया

Bakhtavar Express

Sun, Nov 1, 2026

बरमंडल । दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों का उजाला फैलाने का अवसर भी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे बच्चों के साथ खुशियां बांटकर उनके जीवन में प्रेम, स्नेह और अपनत्व का प्रकाश फैलाना चाहिए। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही सच्चे अर्थों में त्योहार मनाने की सार्थकता है।उक्त बात किराना व्यापारी संघ नागदा द्वारा बरमखेड़ी मूक बधिर छात्रावास में आयोजित मूक बधिर छात्रों को दीवाली पर्व मनाने के लिए नए कपड़े मिठाई एवं शैक्षणिक सामग्री वितरण समारोह के मुख्य अतिथि व्यापारी संघ अध्यक्ष राजेंद्र बोकड़िया द्वारा कही गई आगे आपके द्वारा बताया गया कि त्योहारों की खुशियां तभी सार्थक होती हैं, जब हम समाज के हर वर्ग को अपने साथ लेकर चलें। जरूरतमंदों की मदद करना और उनके जीवन में खुशियां लाने का प्रयास करना हम सभी का सामाजिक दायित्व है। ऐसे सेवा कार्यों से समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और मानवता की भावना मजबूत होती है। किराना व्यापारी संघ की इस पहल के माध्यम से मूक बधिर बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां बांटने के साथ ही समाज को सेवा और संवेदनशीलता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर नए कपड़े फल एवं मिठाई प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे व्यापारी संघ अध्यक्ष राजेंद्र बोकड़िया सहित संघ के राजमल राठौड़ अशोक सोलंकी पुखराज कटारिया रतन कुमावत मोनिश खिमेसरा सहित पदाधिकारियों द्वारा बच्चों को मिठाई खिला कर खुशी के पल में उनके साथ सहभागिता की साथ ही वहां सेवा देने वाले छात्रावास अधीक्षक लक्ष्मी नारायण जायसवाल का भी सम्मान किया गया।

करुणा और वात्सल्य का अनुपम उदाहरण

व्यापारी संघ द्वारा मूक बधिर बच्चों के बीच पहुंचकर जो सेवा कार्य किया वह निश्चित ही अनुकरणीय कार्य हे असहाय बच्चे जो कि बोल नहीं पाते सुन नहीं पाते अपनी पीड़ा किसी के सामने बता नहीं पाते ऐसे में इन बच्चों के बीच पहुंचकर त्यौहार पर जो उन्हें उपहार प्रदान किया वह सेवा कार्य का अनुकरणीय उदाहरण हे।

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