भागवत कथा के पांचवे दिन किया श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन : भागवत कथा विचार, वैराग्य और ज्ञान का मार्ग दिखाती है- पं.केशव चतुर्वेदी
Bakhtavar Express
Sat, Sep 13, 2025
चिराखान। समीपी ग्राम पदमपुरा मे आयोजित संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक पं.केशव चतुर्वेदी गढ़ी भैसोला(खाचरोद)ने मर्यादा पुरुषोत्तम राम के चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने राम के भाईप्रेम और बड़ों के प्रति सम्मान पर विशेष प्रकाश डाला।कथावाचक ने कहा कि प्रभु राम से हमें जीवन की महत्वपूर्ण सीख मिलती है। माता-पिता की सेवा और उनके प्रति समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि माता-पिता कभी गलत शिक्षा नहीं देते। माता-पिता के दुखी होने पर भगवान भी प्रसन्न नहीं होते हैं।पं.चतुर्वेदी ने राम के जीवन से उदाहरण दिया। पिता के वचन का पालन करने के लिए राम ने चौदह वर्ष का वनवास स्वीकार किया। उन्होंने श्रोताओं से आपसी प्रेम और सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया।उन्होने ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तृत वर्णन किया।कथा में श्री कृष्ण जन्म के बाद की लीलाओं का वर्णन किया गया। इसमें पूतना वध, यशोदा मां के साथ बालपन की शरारतें और माखन चोरी के प्रसंग शामिल थे। कथा व्यास ने भगवान के गो प्रेम और कालिया नाग मर्दन की कथा भी सुनाई। कथा में कंस के आमंत्रण पर श्री कृष्ण का बड़े भाई बलराम के साथ मथुरा प्रस्थान का वर्णन भी किया एवं कथा मे गोवर्धन पुजा की गई एवं छप्पन भोग लगाया गया। उन्होने कलयुग की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि इस युग में हरि नाम का स्मरण ही जीव के कल्याण के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा विचार, वैराग्य और ज्ञान का मार्ग दिखाती है। सत्ययुग, त्रेता और द्वापर की तुलना में कलयुग में कठिन तपस्या या यज्ञ की आवश्यकता नहीं है।सभी को गौ माता की सेवा, गायत्री का जाप और गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए। गाय की सेवा से 33 करोड़ देवी देवताओं की सेवा हो जाती है।कथा मे आर्गन वादक मनोज राणा केसुर, ढोलक वादक कृष्णा प्रजापति नागदा, ऑक्टोपेड वादक रवि राठौर बरमंडल द्वारा संगीत सेवा दी जा रही हैं।आयोजन मे आरती उतारी गई एवं प्रसाद वितरित की गई जिसके लाभार्थी मोतीलाल , जगदीश, कैलाश चन्द्र दसाई, मुन्नालाल , परमानंद तिलायचा सहित सम्पूर्ण तिलायचा परिवार रहे।कथा के दौरान कथा श्रवण करने पहुचे अतिथि बाबुलाल कोद,रामनारायण गोयल बरमंडल,अनिल राठौड बरमंडल,खुमानसिह दरबार पांदा,रेवाशंकर वागडी लाबरिया,राधेश्याम कोद,भेरुलाल मालवीय वनी,जगदीश मुलेवा खुंटपला,राजेन्द्र विश्वकर्मा चिराखान, सत्यनारायण पाटीदार चिराखान,गोविन्द मुकाती चिराखान का आयोजक परिवार एवं पं.केशव चतुर्वेदी द्वारा सम्मान किया गया। इस पावन अवसर पर दिनेश मारु,गिरधारीलाल मारु,ईश्वरलाल पाटीदार, मुन्नालाल पाटीदार बालौद,हरिनारायण विश्वकर्मा,गोविन्द मुकाती चिराखान,भगवती प्रसाद मारु,सहित क्षेत्र के सैकड़ों श्रृद्धालु, महिलाएं एवं बच्चे कथा का रसपान कर रहे हैं ।
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